तेराघंटोंकीदृम्मिंग

माँकेदिलकीधड़कन

 

दिसम्बर१२, २००९

ऍमसेपमतक

 

आईयेऔरएकसाथइसजेंदगीकीखुशियाँमनाइये!

एसदुनियाकोबदलनेकेलिए...एकसाथ!

 

अबएकहोनेकासमयगयाहै

 जगतमाताकीपुकारकोसुननेकासमयगयाहै

 

हरधड़कनमेंउनकाप्यारगूँजताहै

इकताप्यारसेआसक्तिहै

क्यूंकिप्यारहीहमेंएककरताहै

 

माँबोलतीहैंकीमैंतुम्हेआपनेअंदरपातीहूँ, क्यातुममुझेआपनेअंदरपातेहो?

 

जीवनकोपवित्रतासेजीनेकाहीएकमात्रतरीकाहै, हाँ, सामयगयाहैकीहरइन्सानआपनेअन्दरऔरअपनेबहारशांतिकाअनुभवकरे.

समायेहैआज, अभी, इसीवक़्त.

 

क्यूंकिसबतरीकेएकहैं

सबधडकनेंएकहैं

माँकीधड़कन

वोपवित्रधड़कनप्रत्तेकजीवमेंधड़कतीहै.

 

येहमारीजगन्माता, जिनकेलिए,

जिनकेसाथऔरजिनकेअंदरहमपवित्रनृत्यकररहेहैं

 

समायेगयाहैकीहमसब

उनकीधड़कनकोसुने,

उनकेसंगीतकोसुने.

 

एसपवित्रजीवनकेउत्सवकोमानानेकेलिएआपसभीकोविशेषरूपसेआमंत्रितकियाजारहाहै  जोयेआदिकालसेहोनाचाहिएथा.

विभिन्नराष्ट्रोंकेप्रतिनिधिवख्तकेरूपमेंहोंगे, जोशांतिऔरइकताकेप्रतीकहैंइनमेंशामिलहैशुश्रीआणिअब्राहम्स

 

स्थान:

पाबोद्यपार्क

लित्तलेरोचक

इनमेंस्ट्रीट

 

समाए:

दिसम्बर१२, २००९

ऍमसेपमतक

 

क्र्यप्याआपनेखानेपीनीकाबंदोवस्तस्वयंकरें१२बजेकेबादप्रवचनकाकार्यक्रमशुरूहोगाआधिकजानकारीकेलिएमुझेलिखेंmariomagdala@yahoo.com

 

 लाकेशमें

 

मगदाला